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  • सीनियर मैनेजमेंट का रेखा-चित्र

सीनियर मैनेजमेंट का रेखा-चित्र

  • अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
  • पूर्णकालिक निदेशक
  • अंशकालिक ऑफिसियल निदेशक
  • अंशकालिक नॉन ऑफिसियल निदेशक
  • अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
Commodore Rakesh Anand
कमोडोर राकेश आनन्द (भा.नौ. नि), अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

कमोडोर राकेश आनन्द (भा.नौ. नि) माझगांव डॉक में जून 2010 में नियुक्त हुए। इसके पहले वह भारतीय नौसेना में लगभग 30 वर्षों तक विशिष्ट सेवा प्रदान किये हैं। वे थापर विश्वविद्यालय पटियाला से मैकनिकल अभियांत्रिकी में स्नातक हैं। वह इसके अलावा मैटीरियल साइंस में विशेष रूप से पाउडर मेटलर्जी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई से स्नातकोत्तर किया है। उन्होने प्रबंधन अध्ययन में स्नातकोत्तर डिग्री उसमानीय विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्राप्त किया है और यूएसएसआर में मैरिन डेक हाईड्रालिक का कोर्स किया गया है।

भारतीय नौसेना में अपनी सेवा के दौरान इन्होने विभिन्न जहाजों पर अभियंता अधिकारी के रूप में काम किया है जैसे मिसाइल बोट, माइन स्वीपर, ऑफ शोरपेट्रोल वेजल और गोदावरी श्रेणी युद्धपोत उन्होने दोनों डॉकयार्डों विशाखापत्तनम तथा मुंबई में अनेक पदों पर काम किया है जैसे मुंबई के मेंटेनेस यूनिट प्रमुख और पश्चिमी नौसेना कमांड मुख्यालय में मुख्य कमांड इंजीनियर अधिकारी के रूप कार्य किया है।

वे स्ट्रेटेजिक सबमैरीन प्रोजेक्ट रूपांकन से भी संबद्ध रहे हैं। वह माझगांव डॉक में महाप्रबंधक (योजना एवं रूपांकन) के रूप में जून 2010 में नियुक्त हुए थे और प्रतिष्ठित स्कोर्पिन पनडुब्बी परियोजना में कार्य किया। जनवरी 2013 में पदोन्नत होकर निदेशक (समवाय योजना एवं कार्मिक) के रूप में 31 दिसंबर 2016 तक अपना बहुमूल्य योगदान दिए हैं। अब पुन: पदोन्नत होकर 01 जनवरी 2017 से कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में सेवा दे रहे हैं।

  • निदेशक(जहाज निर्माण)
  • निदेशक(पनडुब्बी एवं भारी अभियांत्रिकी)
  • निदेशक(वित्त)
  • निदेशक(समवाय योजना एवं कार्मिक)
Cdr PR Raghunath Director (Shipbuilding)
कमोडोर राकेश आनन्द भानौ (नि)
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (एमडीएल)

माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कमोडोर राकेश आनन्द भानौ (नि) , निदेशक (जहाज निर्माण) का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहें हैं।

 

 

कैप्टन राजीव लठ, भा.नौ (नि) निदेशक (पनडुब्बी एवं भारी अभियांत्रिकी)
कैप्टन राजीव लठ, भा.नौ (नि)
निदेशक (पनडुब्बी एवं भारी अभियांत्रिकी)

नेशनल डिफ़ेन्स अकादमी, डिफ़ेन्स सर्विस स्टाफ कॉलेज और नेवल कॉलेज ऑफ वारफेयर के छात्र कैप्टन राजीव लठ, भा.नौ (नि) एक अनुभवी अभियंता हैं, जिन्होंने भारतीय नौसेना के पनडुब्बी क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक समय तक कार्य किया है। उन्होंने नेवल डॉकयार्ड में योजना, परियोजना प्रबंधन और उत्पादन विभागों में 10 वर्ष तक कार्य किया एवं अभियांत्रिकी, उत्पादन, मानव संसाधन और संसाधन योजना का कार्यभार संभाला है।

परियोजना प्रबंधन विशेषज्ञ होने के कारण वह एमडीएल में पिछले 10 वर्षों से स्कोर्पेन पनडुब्बी निर्माण परियोजना से संबन्धित हैं और निदेशक के पदभार को ग्रहण करने से पहले विभिन्न अवसरों पर योजना, रूपांकन, उत्पादन, परियोजना प्रबंधन ग्रुप के प्रमुख रहे हैं।

वह सिक्स सिग्मा ब्लैक बेल्ट ट्रैनेड हैं वह आईएसओ सिस्टम से संबन्धित गुणवत्ता, पर्यावरण, व्यावसायिक स्वास्थ्य और संरक्षा प्रबंधन के लिए प्रमुख लेखा परीक्षक भी रहे हैं।

Shri Sanjiv Sharma,  Director (Finance)
श्री संजीव शर्मा,
निदेशक (वित्त)

वह दिल्ली विश्वविद्यालय (श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स) के स्नातक और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (एफ़सीए) के सदस्य रह चुके हैं। श्री संजीव शर्मा को विभिन्न वित्तीय विभागों जैसे वित्त परियोजना (एक्सपैनशन प्लान, जाइंट वेंचर्स एंड स्ट्रेटेजिक एलायन्स), संसाधन योजना एवं प्रबंधन, समवाय योजना, ईआरपी का कार्यान्वयन इत्यादि में 27 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है। इससे पहले वे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यभार संभाल रहे थे। जीएसएल में कार्य करने से पूर्व वह भारतीय इस्पात निगम लिमिटेड, (एक महारत्न कंपनी) में उप महाप्रबंधक के पद पर कार्य किया।

Cmde Rakesh  Anand IN (Retd)
कमोडोर टी. वी. थॉमस, भानौ (नि)
निदेशक (समवाय योजना एवं कार्मिक)

कमोडोर टी. वी. थॉमस भानौ (नि) , निदेशक (समवाय योजना एवं कार्मिक) का कार्यभार 02 नवंबर 2017 से संभाल रहें हैं।

 

 

  • अंशकालिक सरकारी निदेशक
Shri. Vijayendra, IAS, JS(NS)
श्री विजयेन्द्र, आईएएस, संयुक्त सचिव (नेवल सिस्टम)

श्री विजयेन्द्र, आईएएस, संयुक्त सचिव (नेवल सिस्टम)

  • प्रोफेसर एस एल बापट
  • डॉ श्रीमती उषा संकर
  • वाईस एडमिरल संजीव भसिन, भा. नौ (नि)
  • श्री देवी प्रसाद पांडे
  • प्रोफेसर बी कमैया
Prof S L Bapat
प्रोफेसर एस एल बापट

प्रोफेसर एस.एल. बापट ने वर्ष 1973 में अमरावती के, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेकैनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उस समय यह नागपुर विश्वविद्यालय के अधीन था। उन्होने एम.टेक (थर्मल इंजीनियरिंग) और पीएचडी (मेकैनिकल इंजीनियरिंग) आईआईटी, दिल्ली से क्रमश: वर्ष 1975 और वर्ष 1982 में प्राप्त किया। उनका पीएचडी कार्य थर्मोडायनामिक प्रोपटीज़ ऑफ न्यू रेफ़रिजरेंट अब्जोर्बेंट कोंबिनेशन फॉर सोलर इनर्जी बेस्ड वेपर अब्जोर्बेंट रेफ्रीजरेशन सिस्टम से संबन्धित था।

वह जनवरी 1982 में आईआईटी, बॉम्बे के मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग में नियुक्त हुए और वर्ष 1995 तक प्रोफेसर के पद तक पहुँचे। वह अगस्त 2008 से अगस्त 2011 तक मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभाग प्रमुख बने रहे। वह रेफ्रीजरेशन और एयर कन्डीशनिंग से संबंधित पाठ्यक्रम स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को पढ़ाते हैं।

उनके पसंदीदा क्षेत्रों में क्रायोजेनिक इंसुलेशन, ट्रिपल फ्लूइड वेपर एबसार्सपसन सिस्टम, कंडन्सेशन हीट ट्रांसफर स्टडीस फॉर न्यू रेफ़रिजरेंट (आर123), स्टीर्लिंग क्र्योकूलर्स और हल ही में विकसित स्टीर्लिंग इंजीन्स इसमें शामिल हैं। उनका दो पेटेंट मंजूर हुए है और 3 उन्होने प्रस्तुत किया है। उनके पर्यवेक्षण में 10 छात्रों ने अपनी पीएचडी की डिग्री बॉम्बे, आईआईटी से प्राप्त किया है। उन्होने कुछ प्रायोजित शोध परियोजनाएं और अति महत्वपूर्ण परामर्श परियोजनाओं में भी सफलतापूर्वक ज़िम्मेदारी निभाई है। डेव्लपमेंट ऑफ लिक्विड नाइट्रोजेन फ्रीजिंग टनल फॉर फ्रीजिंग ऑफ फिश; स्टडीज़ ऑन स्टेबिलिटी चेंबर्स; डेव्लपमेंट ऑफ स्टीर्लिंग कूलर्स विथ कूलिंग कैपेसिटी रेंजिंग फ्राम 0.5डबल्यू टू 1 केडबल्यू आदि इनमें से कुछ हैं। वर्तमान समय में वह सीटू में क्रायोकूलर के उपयोग से रिकोंडेंसेशन ऑफ हिलियम परियोजना के प्रमुख अन्वेषक हैं। हाल ही में उनको रु. 1.5 करोड़ का अनुदान 3 केडबल्यू इलेक्ट्रिकल आउटपुट के लिए हाइब्रिड स्टीर्लिंग इंजिन (सोलर एंड गैस फ्लेम) को विकास करने के लिए दिया गया है।

एक व्यवस्थापक अध्यक्ष के रूप में उन्होने गेट 2005 का संचालन किया जो बिना किसी बाधा के सम्पन्न हुआ है।

Dr. Mrs. Usha  Sankar
डॉ श्रीमती उषा संकर

श्रीमती उषा संकर ने भारत सरकार के लेखा और लेखा परीक्षा क्षेत्र में 35 वर्ष तक कार्य किया हैं। वह भारतीय लेखा और लेखा परीक्षा से वर्ष 2014 में सेवानिवृत हुई। उनकी अंतिम तैनाती भारत के उप नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (वाणिज्यिक) के साथ लेखा परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में थीं, जहां उन्होने लेखा परीक्षा विभाग के वाणिज्यिक लेखा खंड का संचालन किया और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, संबंधित मंत्रालयों और स्वायत संस्थाओं का लेखा परीक्षण किया है। उन्होने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के लेखा और प्रकृतिक संसाधनों के लिज़ और लाइसेन्स के निजी क्षेत्रों में भी लेखा परीक्षा का पर्यवेक्षण किया है।

Vice Admiral Sanjeev Bhasin
वाईस एडमिरल संजीव भसिन, भा. नौ (नि)

वाईस एडमिरल संजीव भसिन, भा. नौ (नि)

Shri. Devi Prasad Pande
श्री देवी प्रसाद पाण्डे

श्री देवी प्रसाद पाण्डे की नियुक्ति अंशकालिक स्वतंत्र निदेशक के रूप में 13/09/2017 से की गई है। वे भारतीय रेल यातायात सेवा कैडर (आईआरटीएस) से संबन्धित हैं। वे भारतीय रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात पद से सेवानिवृत हुए हैं। इन्हें इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त है। इन्हें भारतीय रेल के यातायात प्रणाली प्रबंधन – योजना एवं संचालन प्रबंधन, विशेषरूप से रेल भाड़ा एवं मल्टी मॉडल प्रचालन, वाणिज्यिक कार्य रेटिंग सहित, विपणन, ग्राहक सरलीकरण & बुनियादी ढांचा विकास में 36 वर्षो से अधिक का अनुभव है। उनकी कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां नीचे दी गई है:

इन्हें सराहनीय सेवा के लिए मंत्री पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।

यातायात सदस्य के रूप में आपने निम्नलिखित दो सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में प्रशासकीय सचिव का कार्य किया है तथा निम्न दो पीएसयू के संबंध में नीति निर्माण करने में सक्रिय भूमिका निभाई है:

  • भारतीय कंटेनर कॉर्पोरेशन (सीओएनसीओआर) – रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम में “नवरत्न” कंपनी है।
  • भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम लि. (आईआरसीटीसी) - रेल मंत्रालय के अंतर्गत क्षेत्र उपक्रम। इसके अलावा निम्नलिखित दो संगठनो के अध्यक्ष भी थे।
  • अध्यक्ष, पीपावाव रेल निगम लि. (पीआरसीएल) - रेल मंत्रालय तथा गुजरात पीपावाव पोर्ट लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम कंपनी के अध्यक्ष।
  • अध्यक्ष, कार्यकारी समिति, रेल सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) – सीआरआईएस – सीआरआईएस, कंप्यूटरीकृत यात्री आरक्षण प्रणाली, मालभाड़ा प्रचालन सूचना प्रणाली, कोचिंग ऑपरेशन सूचना प्रणाली तथा भारतीय रेल से संबंधित विविध अन्य सूचना प्रोद्योगिकी कार्यकलापों के लिए जिम्मेदार है।
Prof B Kamaiah
डॉ. कमैआ बांदी

डॉ. कमैआ बांदी का जन्म 01 जुलाई 1952 को हुआ। आपने भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान,पवई,मुंबई से अर्थशास्त्र में पीएचडी उपाधि प्राप्त किया। आप वित्तीय आर्थिक क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं तथा बाद में वित्तीय अर्थशास्त्र में परिवर्तन किया और टाइम सिरीज़ विश्लेषण लागू किया। वे नवम्बर, 1989 में हैदराबाद विश्वविद्यालय से जुड़े तथा लगभग 28 वर्षों तक विश्वविद्यालय की निवृत तक सेवा किये। विश्वविदयालय में जुडने के पहले वे राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान, पुणे तथा इन्दिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान, मुंबई में फेकल्टी के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 1998 से 2000 के दौरान वे सामाजिक एवं अर्थशास्त्र संस्थान बैंगलुरु में आरबीआई, मुख्य प्रोफेसर के रूप में भी सेवा किये। प्रोफेसर कमैआ बांदी यूनिवर्सिटी में कई प्रशासनिक पदों पर रहे जैसे, अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के डीन तथा कार्यकारिणी सभा सदस्य आदि। वे देश में अनेक शैक्षिक निकायों, विशेषज्ञ समितियों, अनेक विश्वविद्यालय के अध्ययन बोर्ड से जुड़े थे। इन्होने अनेक डॉक्टोरल छात्राओं का मार्गदर्शन किया एवं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में 100 से अधिक अनुसंधान पत्र प्रकाशित किए। वे भुवनेश्वर में आयोजित वर्ष 2017 में भारतीय इकोनोमेट्रिक सोसाइटी सम्मेलन के अध्यक्ष चुने गए थे।

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